Jain Dharm Sanskar Book-4
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उद्देश्य
जीवात्मा के चार गति रूप संसार में परिभ्रमण का मूल कारण अज्ञान/मिथ्यात्व है, अज्ञान के अंधकार को समाप्त करके ज्ञान रूपी प्रकाश प्राप्त करने हेतु संस्कार एक महत्वपूर्ण तथ्य है, ज्यादातर बच्चों के जीवन में संस्कार का अभाव है जिस अभाव को अपने जीवन में पूर्ण करने हेतु इस ‘धर्म संस्कार पुस्तिकाः को प्रकाशित किया है।
इस जैन धर्म संस्कार पुस्तिका को बच्चे स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ पठन व शिक्षण करें और संस्कारी जीवन चर्या के साथ अपने भविष्य को मजबूत बनाये, जिससे देश व समाज के कर्णधार बनें।
Jain Dharm Sanskar Book-4
Jain Dharm Sanskar Book-4
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- SKU: 9789355958303
Book Title
Jain Dharm Sanskar Book-4
ISBN
9789355958303


